कल 31 जुलाई 2008 को प्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफ़ी साहब की 28वीं पुण्यतिथि थी। रफ़ी साहब वैसे तो कहीं नहीं गए, अपने गीतों के रुप में अपनी कभी न मिटने वाली यादें छोड़ गए हैं लेकिन फिर भी कल टीवी चैनलों को उनकी कुछ याद आ ही गई। 😉
वैसे तो रफ़ी साहब ने हर तरह के गाने सफ़लता पूर्वक गाए, चाहे वो शम्मी कपूर की जंगली हरकतों(फिल्म में) पर फिल्माया गया हो या देव आनंद और साधना पर एक बाग में फिल्माया गया हो, लेकिन ज़ाती तौर पर मुझे तो शांत और मेलोडियस (melodious) गाने ही पसंद हैं, शोर शराबे वाले गाने अपने को नहीं भाते खास। 🙂
