काफ़ी दिनों से सोच रहा था कि कुछ समय पहले रिलीज़ हुई पाकिस्तानी फिल्म खुदा के लिए देखकर आऊँ, हर जगह से इसकी तारीफ़ सुनने में आ रही थी कि बहुत अच्छी फिल्म बनाई गई है। और फिर एन्सी ने भी इसकी जबर्दस्त समीक्षा लिख दी तो लगा कि अब तो देख ही लेनी चाहिए। आशीष तो साथ चलने को तैयार न हुआ, उसके खाली दिमाग में हिन्दी फिल्में नहीं घुसतीं, कहता है कि इमोशन्स का ओवरडोज़ हो जाता है। 😀 इधर नए-२ बरबाद हुए मदन का मुझे फोन आया तो मैंने सोचा कि चलो साथ चलने के लिए बंदा तो मिल गया क्योंकि मदन बाबू ठहरे ज़मीन से जुड़े हुए, उनको हिन्दी फिल्में ज़्यादा पसंद हैं, अंग्रेज़ी फिल्में सिर्फ़ मार-धाड़ की ही पसंद हैं क्योंकि उसमें समझने के लिए डॉयलाग नहीं होते!! 😀 तो बस अपन टिकट तो ऑनलाईन ही बुक करा लिए, फिल्म नोएडा देखने जाना पड़ा क्योंकि दिल्ली वाले टैम अपने हिसाब से माफ़िक नहीं थे। लेकिन मार पड़े बेवजह के ट्रैफिक जामों को कि शॉर्टकट लेते-२ भी बीस मिनट की देरी से पहुँचे!! मदन बाबू तो किलस लिए, बोले कि कभी इतनी तेज़ मोटरसाइकल नहीं भगाई उन्होंने जितनी तेज़ मेरा पीछा करते हुए भगाई, रास्ते का तो ध्यान ही कहाँ रहा उनको कि कौन से रास्ते से आए, बस मेरी मोटरसाइकल के पीछे-२ बदस्तूर मिलते ट्रैफिक में अपनी मोटरसाइकल भगाते चले आए!! 😉
ऑयरन मैन
ऑयरन मैन (Iron Man) कॉमिक्स का एक काल्पनिक पात्र है जो कि सुपर हीरो है। मारवल कॉमिक्स(वही कॉमिक्स जिसमें स्पाइडरमैन की कॉमिक्स भी प्रकाशित होती हैं) का यह पात्र वर्षों से बच्चों को मोहित करता आ रहा है, इस पर कार्टून सीरियल भी बने। इस तरह के काल्पनिक कॉमिक्स के पात्रों पर बनी हॉलीवुड की फिल्में मुझे खासी पसंद हैं, स्पाइडरमैन भी पसंद आई, बैटमैन भी पसंद आई, और अब हाल ही में यह ऑयरन मैन भी रिलीज़ हुई।
आओ डेस्कटॉप पर लाएँ वेब सेवाएँ
On 13, May 2008 | 3 Comments | In Technology, टेक्नॉलोजी | By amit
कुछ समय पहले मैंने अडोबी की हवा यानि कि अडोबी एयर (Adobe AIR) के बारे में लिखा था और ट्विट्टर के लिए जुगाड़ बताए थे तथा गूगल एनालिटिक्स का भी जुगाड़ बताया था। अडोबी एयर भी वेब सेवाओं (Web Services) को डेस्कटॉप पर लाने का ही जुगाड़ है लेकिन इसकी एक खामी यह है कि इसमें सीधे-२ किसी भी मौजूदा वेब-सेवा को डेस्कटॉप सॉफ़्टवेयर की तरह नहीं प्रयोग कर सकते, उस वेब सेवा के लिए अडोबी एयर का सॉफ़्टवेयर होना आवश्यक है। लेकिन यदि हमें कोई वेब सेवा खासी प्रिय है और वह अधिक लोकप्रिय नहीं तो क्या उसके लिए कोई जुगाड़ न होगा?
ग्लोबल वॉयसिस सिटिज़न मीडिया समिट 2008
On 12, May 2008 | 2 Comments | In Blogging, ब्लॉगिंग | By amit
फोटो साभार: eCastillo
हर वर्ष ग्लोबल वॉयसिस एक समिट (Summit) यानि कि कॉन्फरेन्स का आयोजन करता है जिसमें ग्लोबल वॉयसिस परिवार के सदस्यजन ब्लॉगरों, तकनीकज्ञों, पत्रकारों आदि के एक बड़े समूह से मिलते हैं और आपस में नागरिक मीडिया (Citizen Media) और उसकी उन्नति तथा गतिविधियों आदि पर, खासतौर से उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी योरोप के अतिरिक्त अन्य देशों से संबन्धित, आपस में एक दूसरे से ज्ञान बाँटते हैं और चर्चा करते हैं। इंटरनेट के ज़रिए काम करने वाले ग्लोबल वॉयसिस के सदस्यों के लिए यह एक मौका होता है साल में एक बार अन्य सदस्यों से मिलने का और ग्लोबल वॉयसिस की भविष्य की गतिविधियों पर चर्चा के लिए इस दौरान दो दिन की एक बैठक होती है जो कि सिर्फ़ ग्लोबल वॉयसिस के सदस्यों के लिए होती है। पिछली ग्लोबल वॉयसिस की समिट दिसंबर 2006 में नई दिल्ली में हुई थी।
On 12, May 2008 | 4 Comments | In Technology, कतरन, टेक्नॉलोजी | By amit
पिछले सप्ताह छपा लेख टॉप के आवश्यक सॉफ़्टवेयर फोकट में ….. सब लिहाज़ से पूर्ण ही था, फिर भी मैंने आप सब से राय माँगी थी कि यदि कोई आम प्रयोग के लिहाज़ से आवश्यक सॉफ़्टवेयर छूट गया हो तो अवश्य बताएँ ताकि उसको भी इस सूचि में डाल दिया जाए, इस पर कुछेक सुझाव भी आए जिसके लिए जीतू भाई को धन्यवाद और अन्य टिप्पणीकर्ताओं को भी धन्यवाद जिन्होंने अपने अनुभव सभी के साथ बाँटे। इस लेख में एक आवश्यक सॉफ़्टवेयर मेरे ध्यान से निकल गया था जिस वजह से वह छप नहीं पाया, वह है टैराकॉपी जो कि विन्डोज़ के लिए एक ड्राईवर है जिससे बड़ी फाइलों को कॉपी-पेस्ट (copy-paste) करने में काफ़ी कम समय लगता है। इसको लेख में अब जोड़ दिया गया है और आप इसके बारे में यहाँ पढ़ सकते हैं।
On 05, May 2008 | 4 Comments | In Technology, कतरन, टेक्नॉलोजी | By amit
अमरीका को खरीदना चाहते हैं? जी हाँ, बिलकुल खरीद सकते हैं!! डोमेन नाम अमेरिका.कॉम (america.com) की नीलामी 22 मई 2008 को शुरु होगी और 29 मई 2008 तक चलेगी। इसकी आरक्षित कीमत दस लाख अमेरिकी डॉलर रखी गई है जिसका अर्थ है कि इसका मौजूदा मालिक इसको इस कीमत से कम में नहीं बेचेगा और यदि नीलामी में इतनी कीमत नहीं पहुँची तो बिना बिक्री के नीलामी समाप्त हो जाएगी!! वैसे मुझे नहीं लगता कि इसके मौजूद मालिक को कोई टेन्शन होनी चाहिए, नीलामी में इस डोमेन की बोली दस लाख डॉलर से ऊपर पहुँच ही जाएगी; देखने वाली बात तो यह होगी कि इसको खरीदता कौन है!! 😉
टॉप के आवश्यक सॉफ़्टवेयर फोकट में .....
On 05, May 2008 | 15 Comments | In Technology, टेक्नॉलोजी | By amit
बिल्लू दी खिड़की यानि कि माइक्रोसॉफ़्ट विन्डोज़ (Microsoft Windows) प्रयोग करते हैं लेकिन सॉफ़्टवेयरों पर पैसे नहीं खर्चना चाहते? तब तो आपके पास दो ही रास्ते हैं, या तो पॉयरेटिड सॉफ़्टवेयर (pirated software) प्रयोग करें या फिर फोकटी सॉफ़्टवेयर (free software) प्रयोग करें। लेकिन पॉयरेटिड सॉफ़्टवेयर क्यों प्रयोग करते हैं, विन्डोज़ के लिए बहुत से फोकटी जुगाड़ उपलब्ध हैं जो कि एकदम टका-टक चलते हैं। आईये देखें आवश्यक कामों को अंजाम देने वाले इन फ्री के जुगाड़ों को:
On 02, May 2008 | 2 Comments | In Sports, कतरन, खेल | By amit
आज दिल्ली डेयरडेविल्स भिड़ेंगे चेन्नई सुपर किंग्स से। सौ टके का सवाल ये है कि क्या डेयरडेविल्स रोक पाएँगे सबको रौंदते चले आ रहे सुपर किंग्स के विजय रथ को? क्या आज सुपर किंग्स की हार का खाता खुलेगा या डेयरडेविल्स का नाम भी रौंदी गई टीमों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा? पहले मैच के बाद डेयरडेविल्स से अभी तक सभी तीनों मैच जीते हैं और सुपर किंग्स ने तो अभी पराजय का मुँह देखा ही नहीं है!! मैग्रा बनाम मुरली तथा वीरु बनाम माही की भिंड़त देखने वाली होगी!!
यूज़र जेनरेटिड नहीं, ये है चोरी का माल!!
On 02, May 2008 | 2 Comments | In Mindless Rants, फ़ालतू बड़बड़ | By amit
लगभग 6 वर्ष पूर्व एक वेब संबन्धी तकनीकी वेबसाइट(जहाँ मैं वेब तकनीक आदि संबन्धी बढ़िया लेख पढ़ने जाया करता था) पर मैंने एक लेख में पढ़ा था कि इंटरनेट पर कॉनटेन्ट इज़ किंग (content is king) यानि कि पढ़ने/देखने/सुनने लायक बढ़िया मसाला ही बादशाह है। ऐसा नहीं है कि यह बात टीवी चैनलों या फिल्मों पर लागू नहीं होती पर वहाँ शाहरुख और आमिर खान के नाम से या बिपाशा अथवा कैटरीना को देखने जाने वाले लोगों की संख्या अच्छी खासी होती है। इंटरनेट पर भी ऐसा है जहाँ प्रतिष्ठित वेबसाइटों के पास नियमित पाठक/दर्शक/श्रोता हैं लेकिन इंटरनेट पर मामला थोड़ा अलग हो जाता है सर्च-इंजनों के कारण जो कि किसी भी व्यक्ति को हज़ारों लाखों करोड़ों वेबसाइटों पर एक क्लिक में माल-मसाला ढूँढने की क्षमता प्रदान करते हैं।
On 01, May 2008 | 3 Comments | In Sports, कतरन, खेल | By amit
एक ओर पिटी थकी कोलकाता की टीम और दूसरी ओर मास्टर स्पिनर वार्न के नेतृत्व में जीतती आ रही जयपुर की टीम – तपती गर्मी में मैच रोमांचक होगा!!
