फ़िल्में आदि सभी देखते हैं, कई दशकों से ये लोगों के मनोरंजन का सबसे अधिक लोकप्रिय माध्यम रहीं हैं। पर कुछ फ़िल्में ऐसी होती हैं जो सदाबहार होती हैं, जो बहुत अच्छी होती हैं, जिन्हें आप कितनी ही बार देख लें, पर जी नहीं भरता। हर किसी की कोई न कोई ऐसी फ़िल्म अवश्य होगी जो उसे बहुत पसंद होगी।
मैं अधिक फ़िल्में नहीं देखता, बस अभी पिछले कुछ महीनों में इतनी फ़िल्में देखी हैं जितनी उससे पहले जीवन में कभी नहीं देखी। इसका एक कारण यह भी है कि पढ़ाई समाप्त होने के कारण अपने समय के स्वयं मालिक हैं, चाहे जो वो करने की स्वतंत्रता है, होमवर्क आदि करने का कोई लफ़ड़ा नहीं है!! 😀
